Durga Navratri Puja Vidhi In Hindi

0
1420

नवरात्र पूजा विधि

नवरात्र के नौ दिन देवी दुर्गा के विभिन्न रूपों की पूजा की जाती है। नवरात्र व्रत (Durga Navratri Puja Vidhi) की शुरूआत प्रतिपदा तिथि को कलश स्थापना से की जाती है। नवरात्र के नौ दिन प्रात:, मध्याह्न और संध्या के समय भगवती दुर्गा की पूजा करनी चाहिए। श्रद्धानुसार अष्टमी या नवमी के दिन हवन और कुमारी पूजा कर भगवती को प्रसन्न करना चाहिए।

Creative-Stage-Of-Maa-Durga-

शारदीय नवरात्र 2015 (Shardiya Navratri 2015)

इस बार शारदीय नवरात्र 13 अक्टूबर 2015 से शुरु होंगे। नवरात्र के प्रथम दिन कलश स्थापना कर व्रत का संकल्प लेना चाहिए। 13 अक्टूबर को सुबह 06:24 मिनट से लेकर 10:12 तक का समय कलश स्थापना के लिए शुभ है। नवरात्र व्रत की शुरुआत प्रतिपदा तिथि को कलश स्थापना से की जाती है। नवरात्र के नौ दिन प्रात:, मध्याह्न और संध्या के समय भगवती दुर्गा की पूजा करनी चाहिए। श्रद्धानुसार अष्टमी या नवमी के दिन हवन और कुमारी पूजा कर भगवती को प्रसन्न करना चाहिए।

नवरात्र में हवन और कन्या पूजन अवश्य करना चाहिए। नारदपुराण के अनुसार हवन और कन्या पूजन के बिना नवरात्र की पूजा अधूरी मानी जाती है। साथ ही नवरात्र में मां दुर्गा की पूजा के लिए लाल रंग के फूलों व रंग का अत्यधिक प्रयोग करना चाहिए। नवरात्र में “श्री दुर्गा सप्तशती” का पाठ करने का प्रयास करना चाहिए।

193960

श्रीमद्देवी भागवत के अनुसार नवरात्र पूजा (Navratri Puja Vidhi in Hindi) से जुड़ी कुछ विशेष बातें निम्न हैं:

  • यदि श्रद्धालु नवरात्र में प्रतिदिन पूजा ना कर सके तो अष्टमी के दिन विशेष पूजा कर वह सभी फल प्राप्त कर सकता है।
  • अगर श्रद्धालु पूरे नवरात्र में उपवास ना कर सके तो तीन दिन उपवास करने पर भी वह सभी फल प्राप्त कर लेता है। कई लोग नवरात्र के प्रथम दिन और अष्टमी एवम नवमी का व्रत करते हैं। शास्त्रों के अनुसार यह भी मान्य है।
  • नवरात्र व्रत देवी (Durga Navratri Puja Vidhi 2015) पूजन, हवन, कुमारी पूजन और ब्राह्मण भोजन से ही पूरा होता है।

Calm-Durga-Puja-Image-

 

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY