Karva Chauth Vrat 2015

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हिन्दू पंचांग के अनुसार कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को करवा चौथ का व्रत किया जाता है। यह पर्व सुहागिन स्त्रियों के लिए बेहद विशिष्ट माना जाता है। इस दिन विवाहित स्त्रियां पति की लम्बी उम्र और सुखमय दांपत्य जीवन के लिए निर्जला यानि बिना अन्न और जल का व्रत रखती हैं। करवा चौथ को कई जगह करक चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। वामन पुराण मे करवा चौथ व्रत का वर्णन किया गया है।

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करवा चौथ व्रत 2015 (Karva Chauth Vrat 2015)

करवा चौथ का त्यौहार पंजाब, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान आदि जगहों पर विशेष धूमधाम से मनाया जाता है। इस साल करवा चौथ का व्रत 30 अक्टूबर, शुक्रवार के दिन रखा जाएगा।

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क्या करते हैं करवा चौथ व्रत में (About Karva Chauth)

करवा चौथ व्रत के दिन विवाहित और सौभाग्यवती स्त्रियां अपने अटल सुहाग, पति की लंबी उम्र और सुखी दांपत्य जीवन की कामना से व्रत रखती हैं। इस दिन महिलाएं बिना अन्न तथा जल के दिनभर उपवास रखा जाता है।

इसके बाद शाम के समय स्त्रियां चन्द्रमा को अर्घ्य देती है और फिर उसे छलनी से देखती हैं। उसके बाद वे अपने पति के हाथ से पानी ग्रहण कर इस उपवास को पूर्ण करती है।

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करवा चौथ व्रत विधि

कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को करवा चौथ का व्रत किया जाता है। इस दिन विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए निर्जला व्रत रखती हैं।

करवा चौथ 2015 (Karwa Chauth 2015): इस वर्ष करवा चौथ का व्रत 30 अक्टूबर को रखा जाएगा।

करवा चौथ व्रत विधि (Karwa Chauth Vrat Vidhi in Hindi):

मान्यता है कि इस दिन विवाहित महिलाओं को निर्जला व्रत का पालन करना चाहिए। पूरे दिन व्रत रखने के बाद शाम के समय पूर्ण श्रृंगार कर करवा चौथ व्रत की कथा सुननी चाहिए। कथा के बाद किसी बुजुर्ग महिला को “करवा (छोटे घड़े जैसा पात्र)” देकर उनका आशीर्वाद लेना चाहिए। रात्रि के समय चन्द्रमा निकलने के बाद छलनी की ओट से उसे अर्घ्य देने के बाद ही व्रत का पारण करना चाहिए।

चन्द्रोदय समय (Karwa Chauth Puja Timings): साल 2015 में करवा चौथ के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 05 बजकर 33 मिनट से लेकर 06 बजकर 52 मिनट तक का है। इस वर्ष करवा चौथ के दिन चंद्रोदय रात 08.16 बजे होगा। करवा चौथ के दिन चन्द्रमा को अर्घ्य देकर ही व्रत पारण किया जाता है।

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