वो देश जो महिलाओं के लिए हैं सबसे खतरनाक

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25 नवंबर यानी ‘महिलाओं के विरुद्ध हिंसा खत्म करने वाला दिन।
‘ दुनियाभर में महिलाओं के साथ होने वाले अपराधों को रोकने के मकसद से संयुक्त राष्ट्र ने 25 नवंबर को ‘महिलाओं के विरुद्ध हिंसा खत्म करने वाला दिन’ घोषित किया था। इस दिन पूरी दुनिया में रेप, घरेलू हिंसा और अन्य हिंसा से शिकार होने वाली महिलाओं के प्रति जागरुकता फैलाने की कोशिश की जाती हैै।egypt-sexual-harassment

भारत- दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र होने के बावजूद भारत में महिलाओं की स्थिति बेहतर नहीं है। न्यूयॉर्क टाइम्स के एक लेख के मुताबिक, पिछले 30 सालों में गर्भ में ही मार दिए गए लड़कियों की संख्या कई लाख है। इसकी वजह से देश में महिला और पुरुष का अनुपात भी बढ़ गया है। दूर-दराज के इलाकों के अलावा बड़े शहरों में भी महिलाओं के साथ गैंग रेप और रेप की घटनाएं अक्सर सामने आती हैं। बाल विवाह भी पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है।
हफिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, हर रोज औसतन 670 महिलाएं भारत में सेक्शुअल हरैसमेंट की शिकार होती हैं। अगर हरैसमेंट, रेप और महिलाओं की हत्या के मामलों को जोड़ दिया जाए तो ये आंकड़ा हर दिन औसतन 848 का हो जाता है। सिर्फ 2013 में देश में 34,000 महिलाओं के साथ रेप किया गया। जबकि कई महिलाओं को तो सीधे ट्रैफिकर्स को बेच दिया जाता है। भारत की राजधानी दिल्ली में महिलाओं के साथ होने वाले अपराधों की संख्या देश के औसत से करीब तीन गुना पहुंच जाता है।

अफगानिस्तान –
अफगानिस्तान को महिलाओं के साथ होने वाले अपराध में सबसे ऊपर रखा जाता है। यहां निरक्षर महिलाओं की संख्या 87 फीसदी है। जबकि 70 से 80 फीसदी महिलाओं की जबरन शादी की जाती है। 54 फीसदी महिलाओं की शादी 15 से 19 की उम्र में ही हो जाती है। इसके अलावा भारी संख्या में महिलाएं घरेलू हिंसा की शिकार भी होती हैं।
डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कॉन्गो-
कॉन्गो को जेंडर वॉयलेंस के लिए सबसे खराब देशों में एक कहा जाता है। अमेरिकन जर्नल ऑफ पब्लिक हेल्थ के मुताबिक, हर दिन 1150 औरतों का यहां रेप किया जाता है। इसका मतलब हुआ कि हर साल करीब 4 लाख 20 हजार महिलाएं रेप विक्टिम बनती हैं। देश में महिलाओं के स्वास्थ्य का हाल भी बेहद बुरा है। करीब 57 फीसदी प्रेग्नेंट महिलाएं एनिमिया से पीड़ित रहती हैं

पाकिस्तान-
पाकिस्तान में कुछ संस्कृति और धार्मिक मान्यताएं महिलाओं के खिलाफ है। इसकी वजह से महिलाओं को न सिर्फ धमकियां मिलती हैं, बल्कि बाल विवाह और जबरन विवाह भी किया जाता है। कई जगहों पर महिलाओं के ऊपर पत्थर मारने और एसिड अटैक की घटनाएं भी सामने आती रही हैं। पाकिस्तान के ह्यूमन राइट कमिशन के मुताबिक हर साल करीब 1,000 लड़कियों की इज्जत के नाम पर हत्या कर दी जाती है और करीब 90 फीसदी पाकिस्तानी महिलाएं घरेलू हिंसा की शिकार होती हैं।

सोमालिया- रेप, फीमेल जेनिटल म्यूटिलेशन, बाल विवाह, शादी के बाद मृत्यु जैसी समस्याओं से सोमालिया जूझ रहा है। देश की 95 फीसदी महिलाएं फीमेल जेनिटल म्यूटिलेशन से गुजरती हैं। 4 से 11 साल की उम्र में उनका जेनिटल म्यूटिलेशन किया जाता है। सिर्फ 9 फीसदी महिलाएं हेल्दी कंडिशन में बच्चे को जन्म देती है।

केन्या- केन्या की बड़ी आबादी खेती पर निर्भर है। लेकिन परिवार में महिलाओं को आय का हिस्सा नहीं मिलता। देश में महिलाओं में एचआईवी रेट्स के आंकड़े भी पुरुषों के मुकाबले अधिक हैं। इसकी पीछे वजह बताई जाती है कि सेक्स लाइफ के ऊपर महिलाओं का पूरा कंट्रोल नहीं होता।

मेक्सिको
एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2010-11 में 4,000 महिलाओं के गायब होने की खबर मेक्सिको में सामने आई थी। 2012 में प्रति एक लाख आबादी पर एक मर्डर भी दर्ज किया गया था। मेक्सिको का लीगल सिस्टम महिलाओं को घरेलू और यौन उत्पीड़न से पूरी तरह सुरक्षित नहीं करता। भले ही देश में यौन उत्पीड़न के लिए सजा का प्रावधान है, लेकिन ऐसा माना जाता है कि कोर्ट पुरुषों को उचित सदा नहीं देती।

ब्राजील
कुछ मामले में तारीफ हासिल करने के बावजूद ब्राजील के कुछ आंकड़े हैरान करते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हर 15 सेकंड में एक महिला के ऊपर हमला होता है। हर दो घंटे में एक महिला की हत्या भी की जाती है।

और भी ऐसे कई देश है जहा महिलाओ के साथ हिंसा, अत्याचार होते है 

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